गेहूं का उत्पादन 40 क्विंटल प्रति एकड़ कैसे प्राप्त करें| गेहूं की खेती|गेहूं की उन्नत किस्में|

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नमस्कार किसान भाइयों स्वागत है आप सभी का हमारी एक और नई पोस्ट में आज हम आपको गेहूं की खेती का उत्पादन हम कैसे 40 क्विंटल प्रति एकड़ प्राप्त कर सकते उसके बारे में बताने वाले हैं|

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किसान भाइयों आज हम आपको बताने वाले हैं कुछ जरूरी जानकारी| गेहूं की खेती में शुरू से लेकर आखिरी तक ध्यान रखने वाले कुछ महत्वपूर्ण बातें| जिसे आप भी अपनी गेहूं की पैदावार को आसानी से बड़ा पाओगे|

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गेहूं की किस्में

किसान भाइयों अगर हम गेहूं का उत्पादन ज्यादा प्राप्त करना चाहते हैं तो हमें गेहूं की उन्नत किस्में की बुवाई अपने खेत में करना जरूरी होता है|किसान भाइयों हर 2 साल में गेहूं का बीज chang करना भी बहुत जरूरी होता है| कई बार ऐसा होता है कि हम एक ही वेराइटी को 5 साल तक अपने खेत में लगाते रहते हैं लेकिन शायद आपको यह नहीं पता होगा कोई भी नयी किस्म 2 से 3 साल तक की बढ़िया पैदावार दे पाती हैं, उसके बाद अन्य वैरायटी को लगाना जरूरी है|

बुवाई का समय

किसान भाइयों गेहूं की पैदावार बढ़ाने के लिए गेहूं की बुवाई का समय भी बहुत ही महत्वपूर्ण है|गेहूं की सही समय पर बुवाई होती है तो उस की पैदावार हमें ज्यादा मिलती हैं अगर हम गेहूं की ज्यादा अगेती और ज्यादा पछेती बुवाई करते हैं तो उनसे गेहूं का बंपर उत्पादन हमें नहीं मिल पाता है|गेहूं की बुवाई का सबसे उपयुक्त समय 1 नवंबर से 15 दिसंबर तक होता है|

खाद एवं उर्वरक

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किसान भाइयों गेहूं की पैदावार बढ़ाने के लिए खाद एवं उर्वरकों का सही इस्तेमाल भी बहुत जरूरी है|गेहूं के मुख्य उर्वरक जिनमें नाइट्रोजन फास्फोरस पोटाश हैं| इन तीनों ही उर्वरक कि समय पर और सही मात्रा में पूर्ति करके आप अपने गेहूं की पैदावार को पढ़ा सकते हो|किसान भाइयों गेहूं की बुवाई के समय एनपीके 12 32 16 डालना सबसे उपयुक्त माना गया है| क्योंकि एनपीके 12 32 16 में नाइट्रोजन,फास्फोरस,पोटाश,तीनों की ही मात्रा होती है|

किसान भाइयों इस के साथ-साथ आप की जमीन में जैविक कार्बन की मात्रा 1 परसेंट होना भी बहुत जरूरी है| किसान भाइयों खेत में जैविक कार्बन की मात्रा बढ़ाने के लिए आप हरी खाद,गोबर की खाद,आदि इस्तेमाल में ला सकते हो|किसान भाइयों गेहूं की बुवाई से पहले आप अपने खेत की मिट्टी की जांच अवश्य करवाएं और उसके अनुसार ही रासायनिक उर्वरकों का इस्तेमाल करें|

पानी कब कब लगाएं

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किसान भाइयों गेहूं की फसल में समय पर पानी लगाना भी बहुत महत्वपूर्ण है| अगर आपने अपनी फसल को समय पर पानी नहीं लगाया तो आप की फसल कमजोर रह सकती हैं,और आप की पैदावार घट सकती हैं|किसान भाइयों गेहूं की फसल में हल्की जमीन में 10 से 15 दिनों के अंतराल में पानी की जरूरत पड़ती है|और भारी जमीन में 20 से 25 दिनों के अंतराल में पानी की जरूरत पड़ती है|

यूरिया का उपयोग

किसान भाइयों फसल की अच्छी बढ़वार और अच्छे फूटाव के लिए फसल को समय पर बराबर मात्रा में नाइट्रोजन उपलब्ध कराना भी बहुत जरूरी है|Agro, Crop Insurance,इसके लिए आपको अपनी फसल में बुवाई के बाद 2 बार नाइट्रोजन यानी यूरिया देना जरूरी है|किसान भाइयों आप अपनी गेहूं की फसल को जितना यूरिया दे रहे हो उसके दो भाग आपको करने हैं, और दूसरा पानी लगाते समय और तीसरा पानी लगाते समय,पानी के आगे आगे हाथों से फसल में छिड़क कर अपनी फसल को यूरिया देना उचित रहता है|

अन्य पोषक तत्वों की पूर्ति

किसान भाइयों गेहूं की फसल को नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश, के अलावा भी सल्फर, जिंक, जैसे पोषक तत्वों की भी जरूरत पड़ती है|इन पोषक तत्वों की पूर्ति भी आप फसल की बुवाई के समय खेत में डालकर कर सकते हो|किसान भाइयों इसके अलावा फसल में पीला रतुआ रोग जैसी बहुत ही घातक बीमारियां भी गेहूं में आती है|इसका भी आपको समय पर उचित रोकथाम करना आवश्यक है|इन बीमारियों से आप की फसल की पैदावार 30 से 40 परसेंट तक कम हो सकती है|

सूक्ष्म पोषक तत्व

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किसान भाइयों अपनी फसल की पैदावार बढ़ाने के लिए आप अपनी फसल को सूक्ष्म पोषक तत्वों की पूर्ति भी कर सकते हो| इसके लिए आप यूरिया डालते समय जैसे- iffco की सागरिका आती है| उसको प्रति एकड़ 6 किलो मिलाकर भी डाल सकते हो|किसान भाइयों इफको सागरिका समुद्री शैवाल के अर्क से बनाई जाती है| यह 100% जैविक उत्पाद है और इससे आप की फसल को लगभग 64 प्रकार के सूक्ष्म पोषक तत्वों की पूर्ति हो जाती है जो आप की पैदावार बढ़ाने में सहायक होते हैं|

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किसान भाइयों जैसा आपको इस पोस्ट में बताया गया है शुरू से लेकर अंत तक अपनी खेती में इन जरूरी बातों का ध्यान रखकर आप भी अपनी पैदावार को बढ़ा सकते हो|

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