गेहूं में सिंचाई समय पर करें तभी होगा अधिक उत्पादन।

नमस्कार किसान भाइयों स्वागत है आप सभी का हमारी एक और नई पोस्ट में आज हम आपको बताने वाले हैं। गेहूं में महत्वपूर्ण तौर पर की जाने वाली 2 सिंचाई के बारे में।

आज हम आपको बताएंगे कि गेहूं का उत्पादन बढ़ाने के लिए किसान भाइयों को अपनी गेहूं की फसल को। कब कब पानी लगाना चाहिए?

सिंचाई प्रबंधन।

किसान भाइयों अगर आप गेहूं की खेती करते हो और अच्छे उत्पादन की आस में हो। तो आपको यहां पर अपनी गेहूं की फसल को समय-समय पर पानी देते रहना अति आवश्यक है। अगर आपने अपनी गेहूं की फसल को समय पर पानी नहीं लगाया। गेहूं को सुखा दिया तो आप अपनी फसल से कभी भी अच्छा उत्पादन नहीं ले पाओगे।

गेहूं की खेती में अच्छे उत्पादन लेने के लिए सिंचाई का बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान होता है। जैसे ही गेहूं की फसल में नमी सूखने लगती है तो तुरंत आपको फसल को पानी देना जरूरी होता है।

किसान भाइयों पानी के साथ साथ फसल को सभी प्रकार के पोषक तत्वों की पूर्ति करना भी आवश्यक होता है। जैसे नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश, यह तीनों ही पोषक तत्व गेहूं की फसल के लिए अति महत्वपूर्ण है। लेकिन किसान भाइयों इस पोस्ट में हम आपको सिर्फ गेहूं की फसल को पानी लगाने के तरीके और सही समय के बारे में बता रहे हैं।

किसान भाइयों यहां पर हम आपको बता दें कि गेहूं की फसल में कब-कब पानी की जरूरत पड़ती है? तो सबसे पहले गेहूं की मुख्य जड़ का विकास होते समय, पौधे में गांठ बनते समय, पौधे की बढ़वार अवस्था में।

अंतिम सिंचाई।

किसान भाइयों गेहूं की खेती में अच्छे उत्पादन के लिए मुख्य रूप से गेहूं की बालियों में दाना भराव के समय और दाना पकते समय सिंचाई की अति आवश्यकता होती है।

अगर यहां पर आपने अपनी गेहूं की फसल को पानी नहीं लगाया तो गेहूं के दाने अपना पूर्ण आकार नहीं ले पाएंगे और सिकुड़ कर छोटे रह जाएंगे|इससे नतीजा यह आएगा कि आप की गेहूं की पैदावार कट जाएगी। और इससे आपको सीधे-सीधे घाटे का सामना करना पड़ेगा।

अतः किसान भाई अपनी गेहूं की फसल को बालियों के अंदर दाना भराव के समय और दाना पकते समय यह दो पानी महत्वपूर्ण रूप से लगाए ताकि आप की पैदावार में किसी भी प्रकार का कोई नुकसान ना हो।

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