जमीन में पानी देखने की एक सिक्का विधि| what is groundwater

नमस्कार किसान भाइयों स्वागत है आप सभी का हमारी एक और नई पोस्ट में|

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आज की इस पोस्ट में हम आपको बताएंगे जमीन में पानी देखने की एक सिक्का विधि के बारे में किस तरीके से आप इस विधि का उपयोग करके अपनी जमीन में पानी का पता लगा सकते हो यह विधि बहुत सारे किसान भाई अपने खेत में ट्यूबवेल करवाने से पहले काम में लेते हैं और उनको लगभग 70% इस विधि से सफलता भी मिलती हैं|

सिक्का विधि एक बहुत ही आसान विधि हैं इसका उपयोग आप भी कर सकते हैं उपयोग करना कैसे हैं यही आपको इस पोस्ट में बताया गया है|

सबसे पहले आपको रुपयों के 3 सिक्के लेने होंगे तीनों सिक्के अलग-अलग नंबर में रखो तो बहुत ही अच्छा है जैसे कि एक सिक्का 5 का एक सिक्का 10 का एक सिक्का 2 का उसके बाद इन तीनों सिक्को को अपनी हाथ की उंगलियों के बीच में पकड़ना है यानी कि एक सिक्का नीचे उंगलियों पर आडा रखना है एक ऊपर की तरफ रखना है और एक सिक्का बीच में खड़ा रखना है यहां पर आपको एक फोटो देखने को मिलेगी इस फोटो में जिस तरीके से इन तीनों सिक्कों को पकड़ा गया है उसी प्रकार से आपको भी इन तीनों सिक्को को अपने हाथ में पकड़ना है|

तीनों सिक्के अपनी उंगलियों में सही तरीके से पकड़ने के बाद आपको अपने पैरों से चप्पल को उतार देना है उसके बाद जहां कहीं पर भी आप ट्यूबवेल लगवाना चाहते हैं अपनी जमीन में वहां पर आपको नंगे पैर घूमना है घूमते घूमते जहां कहीं पर भी जमीन में पानी होगा वहां पर जो बीच का खड़ा सिक्का होता है वह हरकत करेगा वह यानी कि घूमना शुरू हो जाएगा|

अगर सिक्का ज्यादा पानी जमीन में होगा तो दो-चार बार घूमना शुरू कर देगा अगर ऐसा आपके साथ भी हो तो आपको यह पता लग जाएगा कि आपके पैरों के नीचे जमीन में पानी मौजूद है|

इस विधि से किसान भाई अपनी जमीन में बहुत ही आसानी से पानी का पता लगा सकते हैं इस विधि का उपयोग कोई भी कर सकता है|

लेकिन यहां पर ध्यान देने वाली बात यह है कि यह विधि से सिर्फ पानी का अनुमान लगाया जाता है ऐसा बिल्कुल भी नहीं है कि इससे क्लियर जमीन में पानी का पता लग जाएगा यह विधि लगभग 70% तक काम करती हैं 30 परसेंट में काम नहीं करती है|

तो किसान भाई अगर आप भी अपनी जमीन में टूवेल लगवाना चाहते हैं तो कभी भी एक विधि के भरोसे आपको नहीं रहना है अलग-अलग विधि से आपको पानी का पता करवाना है उसी के बाद आप बोरिंग लगवाएं ताकि बोरिंग फेल होने के चांसेस कम रहे|

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