पूसा तेजस HI 8759 की पैदावार, गेहूं की उन्नत किस्में|farmars

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पूसा अनमोल गेहूं|

पूसा तेजस गेहूं की पैदावार|

पूसा तेजस गेहूं की बालियां कैसी हैं|

पूसा तेजस गेहूं के पौधे की हाइट|

पूसा तेजस गेहूं का दाना कैसा है|

गेहूं की उन्नत किस्में|

कीसान भाईयो आज हम आपको गेहूं की नई किस्म के बारे मे बताने वाले है|जिसका नाम है पूसा तेजस, किसान भाइयों गेहूं की यह किस्म हाल ही में इजाज की गई एक नई सरकारी किस्म है|

किसान भाइयों सन 2019–20 में इसकी खेती मध्यप्रदेश के इंदौर, उज्जैन, धार, नीमच, मंदसौर, आदि इलाकों में इसकी खेती की गई है|

किसान भाइयों इस पोस्ट में आपको पौधे की हाइट, बालियों की साइज, दाने का आकार, और यह वैरायटी कितने दिन में पक कर तैयार होती हैं इसके बारे में बताया गया है| और साथ में आपको यह भी बताया जाएगा कि इस वैरायटी की पैदावार कितनी होती हैं|

पूसा तेजस|

किसान भाइयों गेहूं की यह नई वैरायटी 115 से 125 दिन में पक कर तैयार हो जाती है| इसके पौधे की हाइट 2 फीट से 3 फीट के बीच में होती हैं|अगर आप के खेत में जैविक कार्बन की मात्रा अच्छी है तो इस वैरायटी के पौधे अच्छा फूटाव लेते हैं और अपनी हाइट को 3 फीट तक बढ़ा कर लेते हैं|

किसान भाइयों इसका पौधा और इसकी जड़ें काफी मजबूत होती है जिससे यह फसल पकने के दौरान आसानी से जमीन पर नहीं गिरती है|इससे किसान भाइयों को नुकसान भी कम होता है|

जल प्रबंधन|

किसान भाइयों अब बात करते हैं इस वैरायटी को कुल कितने पानी की जरूरत पड़ती है| वैसे तो किसान भाइयों अलग-अलग जमीन में अलग-अलग टाइम पर पानी लगाने की जरूरत पड़ती है लेकिन फिर भी इस वैरायटी की बात करें तो हल्की जमीन में 10 से 15 दिनों में पानी लगाना जरूरी है| और भारी जमीन जो ज्यादा दिनों तक पानी स्टोर कर सकती हैं ऐसी जमीन में 30 से 25 दिनों में इस वैरायटी को पानी की जरूरत पड़ती है|

पूसा तेजस की बालियां और दाना|

किसान भाइयों यहां पर हम आपको बता देते हैं कि पूसा तेजस की बालियां छोटे आकार में और चौकोर नुमा होती हैं बालियों का रंग सफेद होता है, बालियों के अंदर दाना भराव काफी नजदीक और फिक्स होता है जिससे इसकी पैदावार अच्छी निकलती है|

किसान भाइयों बात करें इसके दाने की तो दाना आकार में काफी बड़ा होता है जिससे वह वजन में भी ज्यादा निकलता है| और पूसा तेजस का दाना चमकीला होता है जिससे मार्केट भाव में काफी अच्छा बिकता है|

खाद एवं उर्वरक प्रबंधन|

किसान भाइयों इस वैरायटी की बुवाई के समय इसको एनपीके 12 32 16 की जरूरत पड़ती है|

एनपीके 12 32 16 प्रति एकड़ 45 किलो डालना उचित रहता है|

इसके अलावा जब भी आप किसी खेत में पूसा तेजस की बोवनी कर रहे हो उससे पहले प्रति हेक्टेयर 20 से 25 टन गोबर की सड़ी हुई खाद डालना भी बहुत जरूरी है|इससे खेत के अंदर जैविक कार्बन की मात्रा बढ़ती है खेत में सूक्ष्म पोषक तत्वों की पूर्ति होती है जिससे आप की फसल अधिक पैदावार देती हैं|

खेत की तैयारी|

किसान भाइयों गेहूं की बोवनी से पहले खेत की दो से तीन बार अच्छी गहरी जुताई करना जरूरी होता है इसके बाद खेत में कुली फाटा लगाकर खेत को समतल कर लेना भी जरूरी है|

किसान भाइयों गेहूं की बोनी अगर आप हाथों से छिड़ककर करने के बजाय किसी भी ट्रैक्टर मशीन से इसकी बावनी करते हो तो इसमें आपको ज्यादा फायदा मिलेगा| मशीन से गेहूं की बोवनी करने से फायदा यह होता है गेहूं के साथ में आप जो भी उर्वरक इस्तेमाल कर रहे हो वह सब उर्वरक गेहूं के साथ जमीन के अंदर जाते हैं| जिससे गेहूं का दाना अंकुरित होते ही उसको तमाम पोषक तत्वों की पूर्ति हो जाती हैं|

पूसा तेजस की पैदावार|

किसान भाइयों जैसा आपको इस पोस्ट में बताया गया है वैसे ही अगर आप इसकी खेती करते हो समय पर फसल को पानी लगाते हो समय पर खाद एवं उर्वरक प्रबंधन करते हो तो आप इस वैरायटी से प्रति एकड़ लगभग 30 कुंटल की पैदावार ले सकते हो|

किसान भाइयों पूसा तेजस एक उन्नत किस्में है| इस वैरायटी में रोगों से लड़ने की क्षमता अधिक है, अन्य वैरायटी यो की तुलना में इस वैरायटी में पीलापन भी बहुत कम आता है|यह वैरायटी गेहूं में आने वाली येलो रस्ट जैसी बीमारियों से लड़ने में भी सक्षम है|

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