प्याज की उन्नत खेती बढ़ाए अपनी आमदनी।

नमस्कार दोस्तों स्वागत है आप सभी का हमारी एक और नई पोस्ट में आज हम आपको बताएंगे प्याज की उन्नत खेती के बारे में कैसे आप प्याज की उन्नत खेती करके अपनी आमदनी को दोगुना कर सकते हो|

किसान भाइयों प्याज की खेती महाराष्ट्र, कर्नाटक,गुजरात, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश में इसकी खेती की जाती है।

अगर किसान भाई प्याज की वैज्ञानिक खेती करते हैं और अपने प्याज की फसल से अच्छा उत्पादन लेते हैं। तो किसान भाई आसानी से अपनी आय को दोगुना कर सकते हैं।

इस पोस्ट में महत्वपूर्ण रूप से हम आपको बताएंगे कि कैसे आप को प्याज की नर्सरी तैयार करनी है। कैसे प्याज की रोपाई के लिए खेत को तैयार करना है। कौन-कौन से पोषक तत्वों की खाद की जरूरत उस खेत में बुवाई से पहले पड़ेगी,इन सभी बातों के ऊपर हम विस्तार से चर्चा करेंगे जिससे। आपको प्याज की खेती का संपूर्ण ज्ञान हो जाए।

प्याज का उत्पादन।

किसान भाइयों अगर आप प्याज की वैज्ञानिक तकनीक से खेती करते हैं। अपनी फसल को संपूर्ण पोषक तत्वों की पूर्ति बराबर मात्रा में करते हैं तो प्याज का औसत उत्पादन 250 से 300 क्विंटल प्रति हेक्टेयर ले सकते हो।

प्याज की नर्सरी।

प्याज की रोपाई से पहले प्याज की नर्सरी तैयार कर लेना काफी फायदेमंद होता है। एक हेक्टेयर के लिए प्याज की नर्सरी तैयार करने में 8 से 10 किलो प्याज के बीज डालने चाहिए। बीज हमेशा जमीन से उठी हुई क्यारियों में ही डालें प्याज की फसल लगभग 140 से 145 दिन में तैयार हो जाती है तैयार फसल की खुदाई से 15 दिन पहले प्याज की सिंचाई को बंद कर देना चाहिए।

प्याज का रोगों से बचाव।

प्याज की नर्सरी को रोगों से बचाने के लिए मिट्टी को कवकनाशी या थीरम आदि से उपचारित कर लेना चाहिए। उसके बाद बीज की नर्सरी लगाकर पुलाव आदि से ढक देना चाहिए। जैसे-जैसे नर्सरी में पौधे का जमाव होने लगे पुलाव हटाकर हल्की सिंचाई करनी चाहिए। रबी सीजन में प्याज की नर्सरी 8 से 9 सप्ताह में रोपाई करने की स्थिति में हो जाती है। रोपाई से पूर्व पौधे की जड़ों को कार्बेंडाजिम 9% के गोल में डूबा देना चाहिए जिससे पौधे की जड़ें फगंस से बची रहती हैं।

खाद उर्वरक प्रबंधन।

प्याज लगाने से पूर्व खेत की मिट्टी की जांच करा लेना आवश्यक है| ताकि हमें यह पता चल जाता है कि हमारी मिट्टी को कौन से पोषक तत्व की सबसे ज्यादा जरूरत है। इसके अलावा भी अगर हम खाद उर्वरक की बात करें तो लगभग 1 हेक्टेयर खेत में 20 से 25 टन गोबर की खाद रोपाई से 1 सप्ताह पहले खेत में मिला देनी चाहिए। अच्छे उत्पादन के लिए प्रति हेक्टेयर 100 किलोग्राम नाइट्रोजन, 50 किलोग्राम फास्फोरस, और 60 किलोग्राम पोटाश की आवश्यकता पड़ती है।

किसान भाइयों इस प्रकार से आप भी प्याज की नर्सरी तैयार करके। इसकी वैज्ञानिक तरीके से खेती करके अच्छा मुनाफा कमा सकते हो। और अपनी आय को बढ़ा सकते हो|

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