मक्के की खेती कैसे करें|How to caltivati maize

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नमस्कार किसान भाइयों स्वागत है आप सभी का हमारी एक और नई पोस्ट में आज हम आपको बताने वाले हैं। गर्मियों के मौसम में मक्के की खेती करके आप कैसे बड़ा मुनाफा कमा सकते हैं।

किसान भाइयों मक्के की खेती बरसात के मौसम में, सर्दियों के मौसम में, और गर्मियों के मौसम में, यानी कि तीनों ही मौसम में मक्के की खेती आप कर सकते हो|

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किसान भाइयों उन्नत तकनीक के साथ मक्के की खेती करके आप कम लागत में अच्छा मुनाफा कमा सकते हो|और आज कि इस पोस्ट में आपको इसी के बारे में पूरा बताया गया है कि मक्के की खेती गर्मियों के मौसम में करके आप कम लागत में अधिक मुनाफा कैसे कमा सकते हो|

खेत की तैयारी।

किसान भाइयों जैसे ही आपका सरसों चना इसबगोल आदि फसलों का खेत खाली होते ही। तुरंत उस खेत की दो से तीन बार अच्छी गहरी जुताई कर लेनी चाहिए।

गहरी जुताई करने के बाद खेत में पाटा लगा कर खेत को पूरी तरीके से समतल कर ले।

खाद एवं उर्वरक प्रबंधन।

किसान भाइयों मक्के की खेती करने के लिए आपको अपने खेत में जैविक कार्बन की मात्रा को बढ़ाना होगा। इसके लिए आपको अपने खेत में प्रति हेक्टेयर 20 से 25 टन गोबर की खाद डालना आवश्यक है।

इसके अलावा मक्के की खेती के लिए अन्य उर्वरक की बात करें तो नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश,मुख्य पोषक तत्व है।

नाइट्रोजन फसल की वेजिटेरियन ग्रोथ बढ़ाने में काम करता है।

फास्फोरस पौधे की जड़ों का विकास करता है|

और

पोटाश मक्के की फसल में भुट्टे के अंदर दाना भराव के समय अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

इसीलिए अपनी मक्के की फसल को इन तीनों ही पोषक तत्वों की बराबर पूर्ति करना आवश्यक है।

किसान भाइयों इन तीनों ही पोषक तत्वों की पूर्ति के लिए मक्के की बोवनी के टाइम पर एनपीके 12 32 16 का उपयोग करना बेहतर माना गया है। क्योंकि एनपीके 12 32 16 के अंदर नाइट्रोजन, फास्फोरस,और पोटाश तीनों की ही मात्रा होती है।

मक्के की बावनी के टाइम पर एनपीके 12 32 16 35 से 40 किलो प्रति एकड़ के हिसाब से प्रयोग करना चाहिए।

उसके बाद फसल को नाइट्रोजन की पूर्ति के लिए पानी लगाते समय दो बार यूरिया की आवश्यकता भी पड़ती है।

खरपतवार नियंत्रण।

किसान भाइयों फसल की बंपर पैदावार लेने के लिए आपको अच्छे से खरपतवार नियंत्रण भी अपनी फसल में करना होगा। यहां पर हम आपको किसी भी प्रकार की दवाई का उपयोग करने के बारे में नहीं कहेगें। क्योंकि गर्मियों के मौसम में तापमान काफी तेज होता है ऐसे में अगर खरपतवार नियंत्रण के लिए आपने अपनी फसल पर किसी भी प्रकार की दवाई का स्प्रे किया तो उससे फसल की ग्रोथ down हो जाएगी और आप की पैदावार घट सकती है। इसीलिए किसान भाइयों को यहां पर सिर्फ यही कहा जाता है कि आप अपने हाथों से फसल की निराई गुड़ाई करें।

गर्मियों में की जाने वाली मक्के की खेती के लिए तीन बार फसल की निराई गुड़ाई करना आवश्यक है।

समय पर पानी लगाना।

किसान भाइयों अगर आप मक्के की खेती गर्मियों के मौसम में कर रहे हो तो पानी लगाने का उचित ध्यान आपको रखना पड़ेगा। गर्मियों के मौसम में तापमान अधिक होने की वजह से और गर्म हवाएं चलने की वजह से जमीन में नमी जल्दी सूख जाती है| ऐसे में अगर आप अपनी फसल को ज्यादा दिनों तक पानी नहीं लगाते हो तो आप की फसल लू की चपेट में आ सकती है। इसीलिए आपको हर 10 से 12 दिनों के अंतराल में अपनी फसल को पानी लगाते रहना है। पानी लगाते समय एक और सावधानी आपको रखनी है कि पानी कभी भी शाम के समय में नहीं लगाना है। या तो पानी आप रात को लगाइए या फिर सुबह के टाइम पर लगाइए। इससे क्या होता है कि जमीन ठंडी होती है,और ठंडा पानी जाता है तो पौधे की जड़ों को किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचता है। अगर आप दोपहर के टाइम पर या शाम के समय अपनी फसल को पानी लगाते हो तो उस समय ज्यादा तापमान की वजह से जमीन गर्म हो जाती है| और एकदम से उनमें ठंडा पानी अगर जाएगा तो पौधे की नाजुक जडे जल सकती हैं|उन्हें नुकसान पहुंच सकता है इसीलिए पानी लगाते समय यह सावधानी जरूर रखें।

फसल को लू से कैसे बचाएं?

किसान भाइयों अगर आप गर्मियों के मौसम में मक्के की खेती करने जा रहे हो तो यहां पर आपको एक सावधानी महत्वपूर्ण रखने रखनी होगी। अपनी फसल को लू से जरूर बचाना होगा| अगर आप की फसल लू से जल जाती है तो आपको उसकी पैदावार नहीं मिलेगी।

फसल लू से बचाने के लिए खेत के चारों ओर 1 मीटर की चौड़ाई पर ज्वार की बुवाई जरूर करें।

खेत के चारों ओर लगाई गयी ज्वार को हर 5 से 7 दिन के अंदर पानी लगाते रहे।

बुवाई का समय।

किसान भाइयों गर्मियों के मौसम में मक्का की खेती करने का सबसे उचित समय है मार्च का महीना। किसान भाइयों जैसे ही आपके सरसों और चने के खेत खाली होते हैं। उसके तुरंत बाद मार्च महीने में आपको खेत की जुताई करके मक्का की बोनी कर देनी चाहिए। अगर आपने मक्का की बोनी ज्यादा लेट की तो फिर मानसूनी बारिश आ जाने की वजह से आपका खेत दोबारा से खाली नहीं हो पाएगा और उसमें आप बरसात के दिनों की फसलों की बुआई समय पर नहीं कर पाओगे।

पैदावार।

किसान भाइयों गर्मियों के मौसम में अगर आप मक्के की उन्नत खेती करते हैं। अच्छा बीज अपनी जमीन में लगाते हैं और सही समय पर पानी लगाते हैं| सही समय पर खाद एवं उर्वरक प्रबंधन करते हैं, तो आप मक्के की खेती से लगभग 25 से 30 क्विंटल प्रति एकड़ की पैदावार ले सकते हो।

किसान भाइयों यहां पर हम आपको मक्के के मार्केट भाव के बारे में भी बताना चाहेंगे 2020 में मक्के का मंडी भाव 1800 से लेकर ₹2000 प्रति क्विंटल तक है।

इसके अलावा भी किसान भाइयों मक्के का हरा चारा अगर आपके घर में पालतू जानवर यानी कि गाय भैसं बैल आदि नहीं है| तो आप मक्के का हरा चारा बेचकर भी अच्छा मुनाफा कमा सकते हो और अपनी फसल में लगा खर्चा निकाल सकते हो।

बीज की मात्रा।

किसान भाइयों गर्मियों में की जाने वाली मक्के की फसल के लिए प्रति एकड़ 8 से 10 किलोग्राम बीज की आवश्यकता पड़ती है। बीज पूरी तरीके से खेत में अंकुरित होने के बाद आपको उसमें यह देखना होगा कि अगर पौधे ज्यादा पास पास है तो उनमें से कुछ पौधों को निकालना होगा। और पौधे से पौधे की एक निश्चित दूरी रखनी होगी।

गर्मियों के मौसम में की जाने वाली मक्के की खेती में पंक्ति से पंक्ति की दूरी 16 से 20 इंच रखनी चाहिए|और पौधे से पौधे की दूरी 10 से 12 इंच रखनी चाहिए।

तो किसान भाइयों इस पोस्ट में आपको मक्के की गर्मियों के मौसम में की जाने वाली खेती के बारे में और उसके खर्चे और मुनाफे के बारे में बताया गया है। उम्मीद करते हैं इस पोस्ट से आपको जरूर कुछ नया सीखने को मिला होगा।

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